Tuesday, August 4, 2015

Remembering Kishore Kumar on his 86th birthday

Mumbai: He was flamboyant and very much unlike his contemporaries. His on-screen persona reflected his childlike dynamism and his profound voice wove melodies magically. Kishore Kumar – an actor-singer exuberated energy and tremendous zest for life on-screen and went on to become the inspiration of millions.
Born as Abhas Kumar Ganguly in a wealthy and highly sophisticated family, little did anyone know that this young man will someday make it big in Hindi Cinema and croon his way into millions of hearts across all age groups and generations to come.
Kishore da kick-started his career in the field of acting, with ‘Shikari’ in 1946 and in 1948 the legendary singer sang a song for director Khemchand Prakash in a film.
He was hugely influenced by Kundan Lal Saigal’s singing style. But eventually, Kishore Da delivered songs that reflected his own style to the fullest. Thus was born one of Indian cinema’s most popular and admired playback singers.
Kishore Da and Rahul Dev Burman made a deadly combination in the 1960s and 1970s. Most of the sings picturised on Rajesh Khanna were sung by Kishore Da, who was the voice behind the super stardom of the ‘Anand’ star.
 ‘Maana Janaab Ne Pukara Nahin’, ‘Hum Hain Rahi Pyar Ke’, ‘Ek Ladki Bheegi Bhaagi Si’, ‘Haal Kaisa Hai Janaab Ka’, ‘Pal Pal Dil Ke Paas’, ‘Karvatein Badalte rahe’, ‘Yahan Wahan Saare Jahan Mein’, ‘Zindagi Ke Safar Mein’ etc are some o the songs sung by Kishore Da.

'द अनुपम खेर शो': प्रियंका चोपड़ा ने बताईं अपनी लाइफ के बारे में ये 10 बातें

वेटरन एक्टर अनुपम खेर का टॉक शो 'द अनुपम खेर शो' का दूसरा सीजन कलर्स चैनल पर शुरू हो चुका है। सीजन का पहला एपिसोड 2 अगस्त को प्रसारित किया गया और पहली गेस्ट बनीं बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा। अनुपम से बातचीत के दौरान प्रियंका ने अपने बारे में कई दिलचस्प बातें शेयर कीं। डालते हैं कुछ खास पर एक नजर :

1. चाहिए पिता जैसा पार्टनर

प्रियंका की मानें तो वे अपनी जिंदगी में कोई ऐसा पार्टनर चाहती हैं, जो बिल्कुल उनके पिता की तरह फनी और चार्मिंग हो। उनका मानना है कि ऐसे शख्स को ढूंढना कोई मुश्किल काम नहीं है।

2. बचपन से ही जिद्दी रही हैं प्रियंका

प्रियंका ने 'द अनुपम खेर शो' के दौरान बताया कि वे बचपन से ही जिद्दी रही हैं। बिना किसी गिल्ट या पछतावे के वे कभी भी-कहीं भी 'नहीं' कहने को तैयार रहती थीं। शायद यही वजह है कि 'No' उनका फेवरेट वर्ड बन गया।
3. खुद को मानती हैं बिगडैल
प्रियंका खुद को बिगडैल मानती हैं। सात सालों तक परिवार की अकेली लड़की होने कारण उनका पालन-पोषण बड़े लाड़-प्यार से हुआ है। वे बड़े गर्व के साथ कहती हैं, "मैं अभी भी बुआओं और मौसियों की फेवरेट हूं।"

4. बचपन में थीं बातूनी

बचपन में प्रियंका बहुत बातूनी थीं और अक्सर लोगों की मिमिक्री किया करती थीं।

5. 16 साल की उम्र में हुई नस्लीय टिप्पणी

जब प्रियंका 16 साल की थीं तो अमेरिका में स्टडी के दौरान उनपर नस्लीय टिप्पणी की जाती थी। प्रियंका के अनुसार, अफ्रो-अमेरिकन लोग उन्हें ब्राउनी कहकर छेड़ते थे और कुक करी कहकर ताना मारा करते थे। कभी-कभी उनके सांवले रंग के कारण भी उन्हें चिढ़ाया जाता था।

6. सीखने में रखती हैं विश्वास

प्रियंका सीखने में विश्वास रखती हैं। जब भी उन्हें लोगों से कुछ अच्छा सीखने को मिलता है, वे पीछे नहीं रहतीं। उनके अनुसार, उन्होंने अक्षय कुमार से पाबंद होना सीखा है तो अमिताभ बच्चन के वाक्य 'कोई भी रोल छोटा या बड़ा नहीं होता, यह आपके अभिनय पर निर्भर करता है कि लोग आपको कैसे लेते हैं' से प्रेरणा मिली।

'द अनुपम खेर शो': प्रियंका चोपड़ा ने बताईं अपनी लाइफ के बारे में ये 10 बातें

dainikbhaskar.com|Aug 03, 2015, 19:10PM IST
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'द अनुपम खेर शो': प्रियंका चोपड़ा ने बताईं अपनी लाइफ के बारे में ये 10 बातें

7. प्रियंका को रिझा पाना नहीं आसान

प्रियंका को रिझा पाना आसान नहीं है। उन्होंने 'द अनुपम खेर शो' में उस शख्स का खुलासा किया, जिसने उनका दिल जीता था। प्रियंका के अनुसार, उनके पेरेंट्स ने उन्हें 8 कैरेट की डायमंड रिंग गिफ्ट की थी। उनका मानना है कि पिता ने उनके पार्टनर के लिए काफी बड़ा बेंचमार्क सेट कर दिया गया है।

8. 'कुछ भी हो सकता हैं' मोमेंट

प्रियंका चोपड़ा ने खुलासा किया है कि मिस वर्ल्ड का ताज जीतना उनके लिए 'कुछ भी हो सकता है' मोमेंट था। उन्हें आज भी यह सोचकर आश्चर्य लगता है कि कैसे एक 18 साल की लड़की, जिसे कभी हाई हील पहनने या मॉडलिंग का अनुभव नहीं रहा, को इस तरह की सफलता हाथ लग सकती है।

9. असफल होना पसंद नहीं

प्रियंका को असफलता से नफरत है। वे हर हाल में जीतना चाहती हैं। उन्हें कुछ खोना बिल्कुल पसंद नहीं।

10 .बनना चाहती थीं इंजीनियर

प्रियंका कभी इंजीनियर बनना चाहती थीं, जबकि उनके पिता डॉक्टर थे और मां भी इसी लाइन से जुड़ी हुई हैं। प्रियंका की मानें तो वे खून नहीं देख सकतीं। यहां तक कि ऐसी सिचुएशन में वे बेहोश भी हो सकती हैं।

2018 में रिलीज होगी 'जुरासिक वर्ल्ड' की सीक्वल

दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी 'जुरासिक वर्ल्ड' का सीक्वल 2018 में आएगा। यूनिवर्शल स्टूडियो ने इस बात की घोषणा की है।
स्टूडियो के अनुसार, फिल्म के सीक्वल में पहले पार्ट में नजर आ चुके एक्टर क्रिस पैट और ब्रेस डलास होवार्ड भी होंगे। हालांकि, एक अंग्रेजी वेबसाइट के मुताबिक पिछली फिल्म के डायरेक्टर कॉलिन ट्रेवोरो के सीक्वल से जुड़ने की उम्मीद कम ही बताई गई है।
गौरतलब है कि इसी साल जून में रिलीज हुई 'जुरासिक वर्ल्ड' ने पिछले दिनों वर्ल्डवाइड 1.52 अरब डॉलर से ज्यादा का कलेक्शन कर अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तीसरी फिल्म के रूप में जगह बनाई है। इस लिस्ट में पहले स्थान पर 'अवतार'(2009) और दूसरे पर 'टाइटैनिक' (1997) है।

किशोर कुमार के यादगार पल

4 अगस्त को मध्य प्रदेश के खंडवा में गांगुली परिवार में एक बच्चे का जन्म हुआ था। बच्चे का नाम रखा गया था आभास कुमार गांगुली, लेकिन प्यार से उसे गंगोपाध्याय बुलाया जाता था। जब यह बच्चा बड़ा हुआ और इसका नाम आभास से किशोर कुमार हुआ, तब से पूरा देश इसका मुरीद हो गया। जी हां, हम बात कर रहे हैं भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन कलाकारों में शुमार किशोर कुमार की, जिन्होंने अपनी गायकी और अभिनय के जरिए कला की दुनिया में एक नई इबारत लिखी थी। प्लेबैक सिंगर और एक्टर होने के साथ-साथ उन्होंने डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर भी काम किया था। किशोर कुमार ने कई ऐसे गीत गाए जो आज भी सदबहार हैं। इनमें 'मेरे सपनों की रानी', 'ये जो मोहब्बत है', 'कुछ तो लोग कहेंगे', 'ईना-मीना-डीका', 'फूलों के रंग से', 'जाने जां ढूंढता फिर रहा', 'रूप तेरा मस्ताना'... आदि प्रमुख हैं।

'तिजोरी' में बंद है कोका कोला का सीक्रेट फार्मूला, सिर्फ दो लोगों को है जानकारी

अमेरिका की दिग्गज सॉफ्ट ड्रिंक निर्माता
कंपनी कोका कोला का इतिहास काफी पुराना
है। जॉर्जिया के अटलांटा से शुरू हुई कंपनी ने आज
दुनियाभर में अपना कारोबार फैला रखा है। भारत में
भी कोका कोला का बड़ा मार्केट है। कोका
कोला ने दुनियाभर के सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में खास
टेस्ट की बदौलत अपनी अलग पहचान बनाई है।
आखिर, कोका कोला के ड्रिंक्स के खास टेस्ट का
फार्मूला क्या है? आपको जानकर हैरानी होगी
कि कोका कोला के सॉफ्ट ड्रिंक तैयार करने का
फॉर्मूला काफी सीक्रेट है और आज तक वह एक
तिजोरी में बंद है। इस फॉर्मूले को लेकर हमेशा से
विवाद रहा है। कई बार फॉर्मूले के सार्वजनिक होने
की बात सामने आई, लेकिन आज तक ऐसा मुमकिन
नहीं हो सका है।
सिर्फ दो लोग जानते हैं असली फॉर्मूला
कोक के सीक्रेट फॉर्मूले को लेकर भले ही चर्चा रही
हो, लेकिन इस फॉर्मूले का पता कंपनी के
अधिकारियों तक को नहीं है। कंपनी के सिर्फ दो
एग्जीक्यूटिव ही इसका राज जानते हैं। हालांकि,
चर्चा यह भी है कि दोनों ही एग्जीक्यूटिव को
आधा-आधा फॉर्मूला पता है। खास बात यह है, कि
दोनों एग्जीक्युटिव्स को फॉर्मूला पता होने के
कारण कभी एकसाथ नहीं रखा जाता। कंपनी की
स्ट्रैटजी के तहत यह दोनों ट्रैवल भी अलग-अलग ही
करते हैं। फॉर्मूले की सीक्रेसी को लेकर वर्ष 2011 में
कंपनी ने बयान भी दिया था कि उसका फॉर्मूला
अपनी जगह सुरक्षित है और वो बाहर नहीं आ
सकता।
कहां रखा है फॉर्मूला
फॉर्मूले को कंपनी के किसी कर्मचारी या
अधिकारी के साथ डिस्क्लोज नहीं किया गया।
अटलांटा के सन ट्रस्ट बैंक में इसकी ओरिजनल कॉपी
रखी गई है। सन ट्रस्ट फॉर्मूले को कभी शेयर न करे,
इसलिए कोका कोला में उसे 48.3 मिलियन शेयर
दिए गए हैं। साथ ही सन ट्रस्ट के अधिकारियों को
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी शामिल
किया गया है।