Tuesday, August 4, 2015

Remembering Kishore Kumar on his 86th birthday

Mumbai: He was flamboyant and very much unlike his contemporaries. His on-screen persona reflected his childlike dynamism and his profound voice wove melodies magically. Kishore Kumar – an actor-singer exuberated energy and tremendous zest for life on-screen and went on to become the inspiration of millions.
Born as Abhas Kumar Ganguly in a wealthy and highly sophisticated family, little did anyone know that this young man will someday make it big in Hindi Cinema and croon his way into millions of hearts across all age groups and generations to come.
Kishore da kick-started his career in the field of acting, with ‘Shikari’ in 1946 and in 1948 the legendary singer sang a song for director Khemchand Prakash in a film.
He was hugely influenced by Kundan Lal Saigal’s singing style. But eventually, Kishore Da delivered songs that reflected his own style to the fullest. Thus was born one of Indian cinema’s most popular and admired playback singers.
Kishore Da and Rahul Dev Burman made a deadly combination in the 1960s and 1970s. Most of the sings picturised on Rajesh Khanna were sung by Kishore Da, who was the voice behind the super stardom of the ‘Anand’ star.
 ‘Maana Janaab Ne Pukara Nahin’, ‘Hum Hain Rahi Pyar Ke’, ‘Ek Ladki Bheegi Bhaagi Si’, ‘Haal Kaisa Hai Janaab Ka’, ‘Pal Pal Dil Ke Paas’, ‘Karvatein Badalte rahe’, ‘Yahan Wahan Saare Jahan Mein’, ‘Zindagi Ke Safar Mein’ etc are some o the songs sung by Kishore Da.

'द अनुपम खेर शो': प्रियंका चोपड़ा ने बताईं अपनी लाइफ के बारे में ये 10 बातें

वेटरन एक्टर अनुपम खेर का टॉक शो 'द अनुपम खेर शो' का दूसरा सीजन कलर्स चैनल पर शुरू हो चुका है। सीजन का पहला एपिसोड 2 अगस्त को प्रसारित किया गया और पहली गेस्ट बनीं बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा। अनुपम से बातचीत के दौरान प्रियंका ने अपने बारे में कई दिलचस्प बातें शेयर कीं। डालते हैं कुछ खास पर एक नजर :

1. चाहिए पिता जैसा पार्टनर

प्रियंका की मानें तो वे अपनी जिंदगी में कोई ऐसा पार्टनर चाहती हैं, जो बिल्कुल उनके पिता की तरह फनी और चार्मिंग हो। उनका मानना है कि ऐसे शख्स को ढूंढना कोई मुश्किल काम नहीं है।

2. बचपन से ही जिद्दी रही हैं प्रियंका

प्रियंका ने 'द अनुपम खेर शो' के दौरान बताया कि वे बचपन से ही जिद्दी रही हैं। बिना किसी गिल्ट या पछतावे के वे कभी भी-कहीं भी 'नहीं' कहने को तैयार रहती थीं। शायद यही वजह है कि 'No' उनका फेवरेट वर्ड बन गया।
3. खुद को मानती हैं बिगडैल
प्रियंका खुद को बिगडैल मानती हैं। सात सालों तक परिवार की अकेली लड़की होने कारण उनका पालन-पोषण बड़े लाड़-प्यार से हुआ है। वे बड़े गर्व के साथ कहती हैं, "मैं अभी भी बुआओं और मौसियों की फेवरेट हूं।"

4. बचपन में थीं बातूनी

बचपन में प्रियंका बहुत बातूनी थीं और अक्सर लोगों की मिमिक्री किया करती थीं।

5. 16 साल की उम्र में हुई नस्लीय टिप्पणी

जब प्रियंका 16 साल की थीं तो अमेरिका में स्टडी के दौरान उनपर नस्लीय टिप्पणी की जाती थी। प्रियंका के अनुसार, अफ्रो-अमेरिकन लोग उन्हें ब्राउनी कहकर छेड़ते थे और कुक करी कहकर ताना मारा करते थे। कभी-कभी उनके सांवले रंग के कारण भी उन्हें चिढ़ाया जाता था।

6. सीखने में रखती हैं विश्वास

प्रियंका सीखने में विश्वास रखती हैं। जब भी उन्हें लोगों से कुछ अच्छा सीखने को मिलता है, वे पीछे नहीं रहतीं। उनके अनुसार, उन्होंने अक्षय कुमार से पाबंद होना सीखा है तो अमिताभ बच्चन के वाक्य 'कोई भी रोल छोटा या बड़ा नहीं होता, यह आपके अभिनय पर निर्भर करता है कि लोग आपको कैसे लेते हैं' से प्रेरणा मिली।

'द अनुपम खेर शो': प्रियंका चोपड़ा ने बताईं अपनी लाइफ के बारे में ये 10 बातें

dainikbhaskar.com|Aug 03, 2015, 19:10PM IST
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'द अनुपम खेर शो': प्रियंका चोपड़ा ने बताईं अपनी लाइफ के बारे में ये 10 बातें

7. प्रियंका को रिझा पाना नहीं आसान

प्रियंका को रिझा पाना आसान नहीं है। उन्होंने 'द अनुपम खेर शो' में उस शख्स का खुलासा किया, जिसने उनका दिल जीता था। प्रियंका के अनुसार, उनके पेरेंट्स ने उन्हें 8 कैरेट की डायमंड रिंग गिफ्ट की थी। उनका मानना है कि पिता ने उनके पार्टनर के लिए काफी बड़ा बेंचमार्क सेट कर दिया गया है।

8. 'कुछ भी हो सकता हैं' मोमेंट

प्रियंका चोपड़ा ने खुलासा किया है कि मिस वर्ल्ड का ताज जीतना उनके लिए 'कुछ भी हो सकता है' मोमेंट था। उन्हें आज भी यह सोचकर आश्चर्य लगता है कि कैसे एक 18 साल की लड़की, जिसे कभी हाई हील पहनने या मॉडलिंग का अनुभव नहीं रहा, को इस तरह की सफलता हाथ लग सकती है।

9. असफल होना पसंद नहीं

प्रियंका को असफलता से नफरत है। वे हर हाल में जीतना चाहती हैं। उन्हें कुछ खोना बिल्कुल पसंद नहीं।

10 .बनना चाहती थीं इंजीनियर

प्रियंका कभी इंजीनियर बनना चाहती थीं, जबकि उनके पिता डॉक्टर थे और मां भी इसी लाइन से जुड़ी हुई हैं। प्रियंका की मानें तो वे खून नहीं देख सकतीं। यहां तक कि ऐसी सिचुएशन में वे बेहोश भी हो सकती हैं।

2018 में रिलीज होगी 'जुरासिक वर्ल्ड' की सीक्वल

दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी 'जुरासिक वर्ल्ड' का सीक्वल 2018 में आएगा। यूनिवर्शल स्टूडियो ने इस बात की घोषणा की है।
स्टूडियो के अनुसार, फिल्म के सीक्वल में पहले पार्ट में नजर आ चुके एक्टर क्रिस पैट और ब्रेस डलास होवार्ड भी होंगे। हालांकि, एक अंग्रेजी वेबसाइट के मुताबिक पिछली फिल्म के डायरेक्टर कॉलिन ट्रेवोरो के सीक्वल से जुड़ने की उम्मीद कम ही बताई गई है।
गौरतलब है कि इसी साल जून में रिलीज हुई 'जुरासिक वर्ल्ड' ने पिछले दिनों वर्ल्डवाइड 1.52 अरब डॉलर से ज्यादा का कलेक्शन कर अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तीसरी फिल्म के रूप में जगह बनाई है। इस लिस्ट में पहले स्थान पर 'अवतार'(2009) और दूसरे पर 'टाइटैनिक' (1997) है।

किशोर कुमार के यादगार पल

4 अगस्त को मध्य प्रदेश के खंडवा में गांगुली परिवार में एक बच्चे का जन्म हुआ था। बच्चे का नाम रखा गया था आभास कुमार गांगुली, लेकिन प्यार से उसे गंगोपाध्याय बुलाया जाता था। जब यह बच्चा बड़ा हुआ और इसका नाम आभास से किशोर कुमार हुआ, तब से पूरा देश इसका मुरीद हो गया। जी हां, हम बात कर रहे हैं भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन कलाकारों में शुमार किशोर कुमार की, जिन्होंने अपनी गायकी और अभिनय के जरिए कला की दुनिया में एक नई इबारत लिखी थी। प्लेबैक सिंगर और एक्टर होने के साथ-साथ उन्होंने डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर भी काम किया था। किशोर कुमार ने कई ऐसे गीत गाए जो आज भी सदबहार हैं। इनमें 'मेरे सपनों की रानी', 'ये जो मोहब्बत है', 'कुछ तो लोग कहेंगे', 'ईना-मीना-डीका', 'फूलों के रंग से', 'जाने जां ढूंढता फिर रहा', 'रूप तेरा मस्ताना'... आदि प्रमुख हैं।

'तिजोरी' में बंद है कोका कोला का सीक्रेट फार्मूला, सिर्फ दो लोगों को है जानकारी

अमेरिका की दिग्गज सॉफ्ट ड्रिंक निर्माता
कंपनी कोका कोला का इतिहास काफी पुराना
है। जॉर्जिया के अटलांटा से शुरू हुई कंपनी ने आज
दुनियाभर में अपना कारोबार फैला रखा है। भारत में
भी कोका कोला का बड़ा मार्केट है। कोका
कोला ने दुनियाभर के सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में खास
टेस्ट की बदौलत अपनी अलग पहचान बनाई है।
आखिर, कोका कोला के ड्रिंक्स के खास टेस्ट का
फार्मूला क्या है? आपको जानकर हैरानी होगी
कि कोका कोला के सॉफ्ट ड्रिंक तैयार करने का
फॉर्मूला काफी सीक्रेट है और आज तक वह एक
तिजोरी में बंद है। इस फॉर्मूले को लेकर हमेशा से
विवाद रहा है। कई बार फॉर्मूले के सार्वजनिक होने
की बात सामने आई, लेकिन आज तक ऐसा मुमकिन
नहीं हो सका है।
सिर्फ दो लोग जानते हैं असली फॉर्मूला
कोक के सीक्रेट फॉर्मूले को लेकर भले ही चर्चा रही
हो, लेकिन इस फॉर्मूले का पता कंपनी के
अधिकारियों तक को नहीं है। कंपनी के सिर्फ दो
एग्जीक्यूटिव ही इसका राज जानते हैं। हालांकि,
चर्चा यह भी है कि दोनों ही एग्जीक्यूटिव को
आधा-आधा फॉर्मूला पता है। खास बात यह है, कि
दोनों एग्जीक्युटिव्स को फॉर्मूला पता होने के
कारण कभी एकसाथ नहीं रखा जाता। कंपनी की
स्ट्रैटजी के तहत यह दोनों ट्रैवल भी अलग-अलग ही
करते हैं। फॉर्मूले की सीक्रेसी को लेकर वर्ष 2011 में
कंपनी ने बयान भी दिया था कि उसका फॉर्मूला
अपनी जगह सुरक्षित है और वो बाहर नहीं आ
सकता।
कहां रखा है फॉर्मूला
फॉर्मूले को कंपनी के किसी कर्मचारी या
अधिकारी के साथ डिस्क्लोज नहीं किया गया।
अटलांटा के सन ट्रस्ट बैंक में इसकी ओरिजनल कॉपी
रखी गई है। सन ट्रस्ट फॉर्मूले को कभी शेयर न करे,
इसलिए कोका कोला में उसे 48.3 मिलियन शेयर
दिए गए हैं। साथ ही सन ट्रस्ट के अधिकारियों को
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी शामिल
किया गया है।

Monday, August 3, 2015

पाकिस्तानी बैट्समैन की सुपरहिट बैटिंग, टी-20 में बना डाला वर्ल्ड रिकॉर्ड

पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने
श्रीलंका दौरे पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। टेस्ट,
वनडे और टी20 तीनों ही
सीरीज पर उन्होंने कब्जा किया।
श्रीलंका को उसी के घर में हराने के साथ
ही पाकिस्तान का ये सफल दौरा रहा।
वहीं, आखिरी टी20 मुकाबले
में एक विकेट से रोमांचक जीत दर्ज करने के साथ
ही इस मैच में पाकिस्तान ने कुछ रोचक रिकॉर्ड
भी अपने नाम किए। पाकिस्तानी बैट्समैन
अनवर अली ने 9वें नंबर पर बैटिंग करते हुए रिकॉर्ड
बनाया।
अनवरी अली की रिकॉर्ड
पारीः
पाकिस्तान के ऑलराउंडर अनवर अली 9वें नंबर पर
बैटिंग करने आए थे। तब तीन विकेट रहते पाकिस्तान
को 35 बॉल्स में 66 रन बनाने थे। अनवर ने जबरदस्त बैटिंग
करते हुए मात्र 22 बॉल्स में तीन चौकों और 4
छक्कों की मदद से 46 रन बना डाले। इसके साथ
ही एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी उन्होंने अपने
नाम कर लिया। अनवर टी20 में 9वें नंबर पर बैटिंग
करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए
हैं। इससे पहले ये रिकॉर्ड पाकिस्तान के ही सोहेल
तनवीर के नाम था। तनवीर ने 9वें नंबर पर
बैटिंग करते हुए श्रीलंका के खिलाफ 41 रन बनाए थे।
तीनों सीरीज में चैम्पियन बना
पाकिस्तान:
पाकिस्तान ने यहां तीनों फॉर्मेट में
सीरीज पर कब्जा किया। पहले टेस्ट
सीरीज पर 2-1 से कब्जा किया। इसके
बाद वनडे सीरीज भी रोमांचक
रही। पहला वनडे पाकिस्तान ने जीता,
फिर एक श्रीलंका ने। इसके बाद लगातार दो वनडे
जीत पाकिस्तान ने सीरीज
अपने नाम की। फिर दो टी20 मैचों
की सीरीज भी
पाकिस्तान ने 2-0 से जीती।

ये 7 स्टार्टअप्स मालिक पहली बार में हुए फेल, आज हैं करोड़पति बिजनेसमैन

नई दिल्ली. भारत के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम हमेशा एक बात कहते थे, 'शिखर तक पहुंचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउंट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का'। भारत में इसके कुछ बेहतरीन उदाहरण हैं, जिन्होंने खुद को साबित किया है। पिछले कई सालों से तेजी से स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं, लेकिन जितने शुरू हुए उससे कई गुना फेल हुए। फेल होने वालों में से कुछ लोग ऐसे थे, जिन्होंने कभी हार नहीं मानी। दूसरे स्टार्टअप शुरू किए और अंततः आज वह बड़ी कंपनियों के मालिक बने बैठे हैं। मनी भास्कर आपको ऐसे ही लोगों के बारे में बता रहा है, जो बुरी तरह फ्लॉप होने के बाद भी आगे बढ़े।
राघव वर्मा
उम्रः 28 साल
फेल स्टार्टअपः प्रेप स्क्वेयर (Prep Square)
यह एक वीडियो बेस्ड ऑनलाइन टेस्ट प्रिपरेशन सिस्टम था।
सफल स्टार्टअपः चायोस (नवंबर 2012 में शुरू हुआ)
फंडिंगः टाइगर ग्लोबल ने 30 करोड़ इन्वेस्ट किया। दो करोड़ पोवाई लेक वेंचर ने इन्वेस्ट किया।

49 लाख से शुरू की कंपनी, 3691 करोड़ में बेची और वर्करों के बीच बांट दिए 167 करोड़

इस्तांबुल (तुर्की). तुर्की की सबसे बड़ी ऑनलाइन फूड सर्विस देने वाली कंपनी येमेकसेपेटी के सीईओ नेवजत आयदीन ने कंपनी के 114 वर्करों में से हर एक को कम से कम 1.47 करोड़ रुपए का बोनस दिया है। आयदीन ने बोनस पर 167.331 करोड़ रुपए खर्च किए। येमेकसेपेटी को जर्मनी की डिलिवरी हीरो नाम की कंपनी ने खरीदा है। यह सौदा करीब 3691 करोड़ रुपए में हुआ।
'कामयाबी सबने मिलकर हासिल की है'
एक अखबार से बात करते हुए आयदीन ने कहा, "हमने कर्मचारियों के बीच बोनस इसलिए बांटा, क्योंकि अगर यह कामयाबी है तो इसे सबने मिलकर हासिल किया है।" आयदीन ने बताया कि उनकी कंपनी के कर्मचारियों को 68 हजार से लेकर 1.18 लाख रुपए तक की सैलरी हर महीने मिलती थी।
49 लाख रुपए लगाकर शुरू की थी कंपनी 
49.21 लाख रुपए की लागत से आयदीन ने वर्ष 2000 में येमेकसेपेटी कंपनी की शुरुआत की थी। आयदीन डिलिवरी हीरो के मैनेजमेंट बोर्ड में शामिल किए गए हैं।
बोनस मिलने पर कुछ कर्मचारी चिल्लाए तो कुछ रो दिए
आयदीन ने बताया, "बोनस मिलने पर कुछ कर्मचारी चिल्लाने लगे तो कुछ रो दिए। कुछ ने शुक्रिया अदा करने के लिए चिट्ठी लिखी। उनके जज्बात सामने आ रहे थे, क्योंकि आपने लोगों की जिंदगियां बदल दी हैं। लोग घर और कार जैसी चीजें खरीद सकते हैं।"
येमेकसेपेटी में कॉल सेंटर ऑपरेटर से 10 साल में बने सीओओ
नदीम नाहमियास जैसे लोगों को भी बोनस मिला है। येमेकसेपेटी में 10 साल पहले नदीम कॉल सेंटर ऑपरेटर थे। कंपनी के बिकने से पहले वे सीओओ बन गए थे। नदीम ने आयदीन की ओर से बोनस दिए जाने के ऑफर को याद करते हुए कहा, "हम दोनों के लिए वह बातचीत बहुत जज्बाती थी। यह बोनस पैकेज हम में से कई लोगों की जिंदगी बदलने वाला है।"

अगस्त माह का पहला रविवार दुनियाभर में फ्रेंडशिप डे के रूप में मनाया जाता है।

एंटरटेनमेंट डेस्क. अगस्त माह का पहला रविवार दुनियाभर में फ्रेंडशिप डे के रूप में मनाया जाता है। यह दिन आम इंसानों के साथ-साथ बॉलीवुड के पॉपुलर सेलिब्रिटीज के लिए भी बराबर मायने रखता हैं। खास बातचीत के दौरान प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण, सुष्मिता सेन, अभिषेक बच्चन, नाना पाटेकर और सिद्धार्थ मल्होत्रा जैसे कई सेलेब्स ने अपने खास दोस्त के बारे में बताया। जानते हैं क्या कहा :

मेरे प्रिय दोस्त हैं अक्षय कुमार : प्रियंका चोपड़ा

"मेरी नजर में दोस्त है, जिसपर हम विश्वास कर सकें। अपनी हर बात शेयर कर सकें और सबसे खास बात वह हमेशा सही सलाह दे। ये सभी खूबियां मैंने अक्षय कुमार में देखी हैं। अक्षय बहुत ही मुंहफट इंसान हैं और साफ दिल भी। मेरी उनसे बहुत अच्छी दोस्ती है। मुझे आज भी याद है, जब डैडी की डेथ हुई थी और मैं खुद को अकेली और दुखी महसूस कर रही थी, तब अक्षय ने मुझे मेंटल सपोर्ट दिया था। वह हमेशा मेरी खैरियत लेते रहते थे। एक समय वो भी था, जब अक्षय और मेरी दोस्ती को रोमांस का नाम दे दिया गया था। जबकि हम दोनों के बीच सिर्फ बहुत अच्छी दोस्ती है। मुझे जब भी कोई सलाह चाहिए होती है, मैं अक्षय के पास पहुंच जाती हूं। मैंने जब-जब भी अक्षय के साथ फिल्में की है, तब-तब उन्होंने मुझे एक अच्छे स्कूल टीचर की तरह डांट-डांटकर सही गाइड किया। अनुशासन में रहना मैंने उनसे ही सीखा है। वे हमेशा मुझसे कहते हैं कि यदि आप समय की कद्र नहीं करोगे तो एक दिन आएगा जब समय आपकी कद्र नहीं करेगा। अक्षय मेरे उन दोस्तों में से हैं, जो मेरे शुभचिंतक हैं, इसलिए मैं उनकी किसी भी बात का बुरा नहीं मानती। मैं जानती हूं कि वे जो बोलते हैं, वह मेरे भले के लिए ही है। उनके जैसा दोस्त मुझे कहीं और नहीं मिल सकता।"

शाहरुख खान के वानखेड़े स्टेडियम में दाखिले पर लगा बैन हटा

मुंबई : बॉलीवुड स्टार और आईपीएल कोलकाता नाइटराइडर्स के मालिक शाहरुख खान पर वानखेड़े स्टेडियम में एंट्री को लेकर पांच साल के लिए लगा बैन हट गया है.

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) की रविवार को हुई मीटिंग में शाहरुख खान के पक्ष में यह फैसला लिया गया. उस वक्त एमसीए अध्यक्ष रहे विलासराव देशमुख ने शाहरुख पर ये प्रतिबंध लगाया था.

बॉलीवुड अभिनेता और केकेआर के मालिक के लिए ये दोहरी खुशी का मौका है. क्योंकि एक तरफ जहां उनके ऊपर से बैन हटा है, वहीं उनकी टीम त्रिनिनाद एंड टोबैगो रेड स्टील ने कैरिबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) का खिताब अपने नाम किया है.
16 मई 2012 को वानखेड़े स्टेडियम में आईपीएल का मैच खेला गया था. आईपीएल के उस मैच के दौरान शाहरुख ने एक सुरक्षाकर्मी और एमसीए के अधिकारियों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की थी. इसके बाद एमसीए  शाहरुखान के खिलाफ स्टेडियम में प्रवेश पर रोक लगा दी.

शाहरुख पर पाबंदी हटाने का फैसला आज किया गया है, लेकिन इसके संकेत एक साल पहले मिल गए थे. पिछले साल एमसीए बैन को अस्थाई तौर पर हटाना चाहता था, लेकिन बाद में ये मामला टल गया था.
क्‍या था पूरा मामला?
 
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुंबई इंडियंस को धूल चटा दी, लेकिन इस जीत के बाद जो कुछ हुआ उससे शाहरूख खान आरोपों के घेरे में आ गए.

एमसीए के अधिकारियों का आरोप था कि जीत के बाद शाहरुख नशे की हालत में अपने सहयोगियों मोरानी ब्रदर्स और बॉडीगार्ड्स के साथ टीम को बधाई देने के लिए मैदान पर जाने लगे. सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया.

सुरक्षाकर्मियों के मना करते ही शाहरुख को गुस्सा आ गया और फिर उन्होंने हाथापाई तक शुरू कर दी. शाहरुख पर सुरक्षाकर्मयों के साथ गाली-गलौज करने का भी आरोप लगा.
 
विवाद को बढ़ता देख मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन शाहरुख उनसे भी उलझ पड़े. यही नहीं उन्‍होंने एमसीए के अध्‍यक्ष और केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख के खिलाफ अपशब्‍द भी कहे.

इस महाराजा के क्रिकेट के जुनून ने दिया पटियाला पैग को जन्म

बारादरी गार्डेन वो जगह है जिसका क्रिकेट से पुराना संबंध रहा है; करीब 100 वर्षों पुराना. इस गार्डेन की विशेषता इसके नामों में छुपी है. बारादरी दो शब्दों से बनी है बारा यानी कि बारह और दरी का मतलब दरवाज़े होते हैं. संयुक्त रूप से इसका मतलब बारह दरवाज़ें होते हैं. इसका पैवेलियन लाल रंग के खपरैल से बना है. एक प्रचीन घंटा घर इस गार्डेन की दुर्लभता को सदा आगे बढ़ते सूईयों की तरह बढ़ाता रहता है.
खैर, यहाँ महाराजा राजिंदर सिंह के कारण क्रिकेट का खेल शुरू हुआ. महाराजा राजिंदर सिंह की इस खेल में गहरी रूचि थी. इसलिए वो पटियाला में विश्व के प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ियों को बुलाते थे ताकि लोगों को क्रिकेट में प्रशिक्षण एवं नई तकनीकों से लैस किया जा सके. उनके बाद इस परंपरा को आगे बढ़ाया महाराजा भूपिंदर सिंह ने. उन्होंने इंग्लैंड में भारत एकादश की तरफ से वर्ष 1911-12 में अनाधिकारिक टैस्ट मैच खेले. वहाँ से लौटने के बाद क्रिकेट उनकी शौक बन गई. उन्होंने रोड्स, न्यूमैन, रॉबिन्सन जैसे महान खिलाड़ियों को पटियाला में आमंत्रित भी किया.
इस ग्राउंड पर मानसून के बाद यानी अक्टूबर की शुरूआत में टॉमीज कहलाने वाली ब्रिटिश सेना के साथ क्रिकेट मैच खेले जाते थे. वर्ष 1920 में अंबाला छावनी के डगलस एकादश के विरूद्ध खेलते हुए महाराजा ने 242 रनों की लंबी पारी खेली. इस पारी में उन्होंने 16 छक्के और 14 चौंकें लगाए. उस मैदान पर ही दोनों टीमों के लिए लजीज़ रात्रि-भोज की व्यवस्था की गई थी. कहा जाता है कि अपनी विशाल पारी से महाराजा इतने खुश थे कि उन्होंने स्वयं ही गिलासों में व्हिस्की डाल कर पार्टी की शुरूआत कर दी. गिलासों में शराब की मात्रा एक पैग में होने वाली शराब की सामान्य मात्रा की दोगुना थी. जब कर्नल डगलस को चीयर्स कहने के लिए गिलास दी गई तो वो असहज हो गए. उन्होंने उत्सुकतावश महाराजा भूपिंदर सिंह से उस पैग के बारे में पूछा.
महाराजा ने हँसते हुए जवाब दिया, ‘आप पटियाला में हैं मेरे मेहमान. टोस्ट के साथ पटियाला पैग से कम कुछ भी नहीं चलेगा.’ फिर दोनों ने हँसते हुए शोरगुल के बीच एक ही घूँट में अपना गिलास खाली कर दिया. तब से विभिन्न आयोजनों पर हर शाही मेहमान को पटियाला पैग अनिवार्य रूप से परोसे जाने की परंपरा शुरू हुई.